Garuda Purana : हिंदू धर्म में कई पुराण हैं जिनमें तरह-तरह का ज्ञान का वर्णन है। वैसे ही गरुण पुराण भी एक ग्रथ है, जो 18 महापुराणों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद पूरे 13 दिनों तक गरुण पुराण का पाठ जरुर कराना चाहिए। इस धार्मिक ग्रंथ में जन्म, मृत्यु के अलावा, मृत्यु होने के बादी की स्थिति, सुखी जीवन, विष्णु भगवान की पूजा, व्रत और बेहतर जीवन जीने के नियमों के बारे में बताया है। वहीं, लोगों का मानना है कि जब मृत्यु नजदीक आती है तो व्यक्ति को कई संकेत दिखाई देते हैं। आइए आपको बताते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार, मौत से पहले दिखने वाले कुछ संकेत।
जिस व्यक्ति की मृत्यु होनी है, उसे मृत्यु के कुछ समय पहले कुछ संकेत मिलने लगते हैं. ये संकेत इसलिए मिलते हैं क्योंकि मृतक मृत्यु के पहले अपने परिजनों व मित्रों से मिल सके और उनसे बात कर सके. अगर उसकी कोई इच्छा या काम अधूरा रह गया हो तो उसे भी वह किसी को बता सके. इसलिए व्यक्ति को मृत्यु से पहले ये संकेत मिलते हैं।
पूर्वजों का दिखाई देना
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि, मौत होने से कुछ दिनों पहले सपने में पूर्वज दिखने लगते हैं। सपने में रोते हुए या फिर दुखी पूर्वजों का दिखना यह संकेत हो सकता है कि मृत्यु नजदीक है।
जीवन भर के कर्म
मृत्यु होने से पहले व्यक्ति को अपने जीवन भर के कर्म याद आने लगते हैं। मौत से पहले व्यक्ति को अपने जीवन में किए गए सारे कर्म दिखने लगते हैं, चाहे अच्छे हो या फिर बुरे हों।
यमदूत
मृत्यु होने से पहले व्यक्ति को अपने आस-पास श्याम वर्ण के लोग नजर आते हैं। यह लोग यमदूत बताए गए हैं। इसके साथ ही व्यक्ति को अपने आस-पास नकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
परछाई
गरुड़ पुराण के अनुसार, मौत आने से पहले व्यक्ति को अपनी परछाई दिखनी बंद हो जाती है। आंखों की रौशनी कमजोर होने लगती है और व्यक्ति को अपनी परछाई दिखनी बंद हो जाती है।