रिपोर्ट, अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट। जिले के भरतकूप रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित व्यापारियों द्वारा जिलाधिकारी को दो सप्ताह पूर्व सौंपे गए ज्ञापन के बावजूद, बदबूदार पानी और गंदगी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। व्यापारियों ने पहले ही ग्राम पंचायत और स्थानीय अधिकारियों को कई बार शिकायत की थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते अब तक सिर्फ तीन दिन की नोटिस चिपकाकर खानापूर्ति की जा रही है।
ग्राम पंचायत अकबरपुर के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र के व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि वर्तमान ग्राम प्रधान के राजनैतिक विरोध के चलते इस इलाके की नालियों की सफाई में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। नालियों में जमी गंदगी और बहता हुआ बदबूदार पानी आसपास के दर्जनों परिवारों को प्रभावित कर रहा है। न केवल व्यापारियों की रोजी-रोटी पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है, बल्कि गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी घरों में घुसने लगा है, जिससे मकानों के गिरने का खतरा भी मंडराने लगा है। जलभराव के कारण क्षेत्र में रह रहे परिवारों की स्थिति दिन-ब-दिन दयनीय होती जा रही है। लोग अपनी शिकायतें लेकर बार-बार ग्राम पंचायत अधिकारी और ब्लॉक अधिकारियों के पास गए, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
हाल ही में संपन्न हुई सोमवती अमावस्या पर लाखों तीर्थयात्रियों को इसी बदबूदार और जलभराव वाली स्थिति से होकर गुजरना पड़ा, जिससे चित्रकूट के पर्यटन की छवि पर भी बुरा असर पड़ा है। तीर्थयात्रियों ने भी इस समस्या पर नाराजगी जाहिर की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
व्यापारियों ने अपने ज्ञापन में यह साफ कर दिया था कि अगर एक सप्ताह के भीतर नालियों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे भरतकूप बाजार को बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि वे कई बार डीपीआरओ को फोन कर समस्या की गंभीरता से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।