रिपोर्ट, अश्विनी श्रीवास्तव
कर्वी, चित्रकूट। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार मामला अत्यधिक गंभीर है। खण्ड प्रेरक रामनरायन सिंह ने जिला योजना सहायक राहुल शुक्ला और सहायक विकास अधिकारी चंद्रभूषण यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें योजनाओं में पैसे की मांग के चलते मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है।
प्रार्थी ने बताया कि जब उन्होंने अधिकारियों द्वारा मांगे गए पैसे देने से मना किया, तो उनके खिलाफ अनुचित कार्रवाई की गई। उन पर फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करवा लिए गए, और जब उन्होंने इस अन्याय का विरोध किया, तो उन्हें इतनी मानसिक पीड़ा दी गई कि उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले प्रयागराज और फिर बैंगलोर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
प्रार्थी के अनुसार, जिला योजना सहायक और सहायक विकास अधिकारी पंचायतों में काम कराने के बदले हर ग्राम पंचायत से तीन हजार रुपये की मांग करते हैं। शौचालय निर्माण के लिए भी प्रधान और सचिव से अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही है, जिसके चलते योजनाओं की डिमांड समय पर नहीं भेजी जा सकी। इतना ही नहीं, अधूरी योजनाओं को भी पूरा दिखाकर ग्राम पंचायतों को ओडीएस प्लस घोषित कर दिया गया है।
रामनरायन सिंह ने उच्च अधिकारियों से इस प्रकरण की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज न मिला होता, तो उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने जिला स्तरीय जांच टीम गठित करने की मांग करते हुए अपने सेवा काल को बिना बाधा के जारी रखने की गुहार लगाई है।
प्रार्थी द्वारा संलग्न किए गए दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट्स इस बात की तस्दीक करते हैं कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, या यह भी बाकी मामलों की तरह दबा दिया जाएगा।