ओडिशा के भुवनेश्वर में आर्मी ऑफिसर से मारपीट और उसकी मंगेतर के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक वो अपना रेस्टोरेंट बंद करके मंगेतर के साथ भुवनेश्वर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की। साथ ही मारपीट भी किया। इसेक बाद वो घटना की शिकायत करने भरतपुर थाने पहुंची, जहां पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनके साथ बदसलूकी की और आर्मी अफसर को लॉकअप में बंद कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे कपड़े उतारकर मेरा यौन उत्पीड़न किया। सैन्य अधिकारी कोलकाता में 22 सिख रेजिमेंट से जुड़े हुए हैं। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं घटना सामने आने के बाद मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। मामले को लेकर ओडिशा प्रभारी डॉ अजय कुमार और कर्नल रोहित चौधरी ने दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। साथ ही कहा कि ओडिशा में एक सेना अधिकारी की बेटी और आर्मी कैप्टन की मंगेतर के साथ रास्ते में बदसलूकी होती है। जब पीड़िता शिकायत दर्ज कराने ‘मॉडल पुलिस थाने’ में जाती है, तो वहां पीड़िता और आर्मी कैप्टन के साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। फिर फर्जी मामला बनाकर पीड़िता और उसके साथी को हिरासत में ले लिया जाता है। इस केस में सेना के एक अधिकारी HC के जज को चिट्ठी लिखते हुए कहते हैं- ‘हमें न्याय दीजिए’, लेकिन इस पूरे मामले में नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खामोश हैं।
डॉ अजय कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में आर्मी ऑफिसर्स और उनकी महिला मित्रों को बंधक बनाकर मारपीट की जाती है और महिला साथी के साथ रेप होता है। राजस्थान में सेना के एक जवान को थाने में बेरहमी से पीटा जाता है। मणिपुर में एक आर्मी जवान की पत्नी का चीरहरण किया जाता है। मणिपुर में आर्मी जवान का अपहरण होता है, फिर हत्या हो जाती है। ओडिशा में एक आदिवासी बच्ची के साथ गैंगरेप होता है और उसकी लाश मिलती है। देश में ऐसी कई घटनाएं हुईं, लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं फूटता। झारखंड में BJP की एक महिला नेत्री सीमा पात्रा ने अपने घर में काम करने वाली आदिवासी बच्ची को बुरी तरह प्रताड़ित किया।
ओडिशा प्रभारी डॉ अजय कुमार ने कहा कि बच्ची को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया, लेकिन BJP के नेताओं ने एक शब्द नहीं बोला। ओडिशा के केस में भी सिर्फ पुलिस अफसर को सस्पेंड किया गया। कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि एक ब्रिगेडियर की बेटी और आर्मी जवान की मंगेतर के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, लेकिन BJP के बड़े नेताओं ने कुछ नहीं कहा। ओडिशा में एक ब्रिगेडियर की बेटी सुरक्षित नहीं है। बदसलूकी होने पर लड़की शिकायत करने पुलिस स्टेशन जाती है, लेकिन उसके साथ वहां भी बेरहमी से मारपीट की जाती है। लड़की के साथ ऐसी हरकतें की गईं, जो बयान करने लायक नहीं हैं। ऐसे हालात BJP शासित ओडिशा में हैं और ये BJP का गुंडाराज है। ओडिशा में जैसी घटना हुई है, वैसी ही कई घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हैं। मणिपुर का एक आर्मी जवान जिसने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए, वह अपनी पत्नी को नहीं बचा पाया।
उन्होंने कहा कि जिस जवान ने सीमा पर दुश्मनों को ढेर कर दिया हो, वही जवान खुद को राजस्थान में असुरक्षित पाता है। इस सबके बावजूद नरेंद्र मोदी और अमित शाह खामोश हैं। ओडिशा के मामले में आर्मी जवान को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया, जो कि गलत है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, प्रधानमंत्री जी से कहें कि देश में फौजियों या उनके परिवार के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं है। ओडिशा जैसे अन्य मामलों पर जांच होनी चाहिए और पीड़ितों को हर तरह की मदद की जानी चाहिए। एक कानून बनाना चाहिए ताकि कोई भी पुलिसकर्मी फौजी या उसके परिवार के साथ बदसलूकी न कर सके। आर्मी के जवानों, उनके परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरे देश और सरकार की है। EX-सर्विसमैन कमीशन बनाया जाए, ताकि फ़ौज से जुड़े लोग किसी भी समस्या पर अपनी बात कमीशन के सामने रख सके।