उत्तरकाशी (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले से एक भीषण प्राकृतिक आपदा की खबर सामने आई है। मंगलवार को हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना घटी, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, महज़ 20 सेकंड में पूरा इलाका तबाह हो गया।
हादसे के बाद सामने आए वीडियो फुटेज में भयावह मंजर कैद हुआ है, जिसमें लोग चीखते और जान बचाते नजर आ रहे हैं। बादल फटने से निकली तेज धार और मलबा खीरगाड़ नाले के जलस्तर को एकाएक बढ़ा दिया, जिससे क्षेत्र में भारी बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई।
60 लोग लापता, 12 के मलबे में दबे होने की आशंका
प्रशासन के अनुसार, अब तक 12 लोगों के मलबे में दबे होने और करीब 60 लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ के कारण धराली कस्बे के कई घरों, दुकानों और होटलों में मलबा घुस गया है। धराली बाजार क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
रेस्क्यू टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सेना की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गई हैं। भटवाड़ी से रेस्क्यू टीमें तत्काल मौके की ओर रवाना कर दी गईं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया, “हर्षिल के पास धराली में बादल फटने की बड़ी घटना हुई है। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।”
पुलिस की अपील: नदी से दूरी बनाए रखें
उत्तराखंड पुलिस ने सोशल मीडिया (X) पर इस आपदा को लेकर जानकारी साझा की और आम जनता से अपील की है कि वे नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, बच्चों और मवेशियों को भी पानी से दूर रखें, क्योंकि जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है।
पिछले कुछ सालों से लगातार आपदाओं का शिकार
उत्तराखंड, विशेष रूप से उत्तरकाशी, पिछले कुछ वर्षों से मानसून के दौरान बादल फटने और भूस्खलन जैसी आपदाओं का सामना करता आ रहा है। यह घटना एक बार फिर आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी तंत्र की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।