नई दिल्ली। इस साल देशभर में आम चुनाव यानी लोकसभा चुनाव होने हैं। देशभर के मतदाता एक बार फिर से अपने सांसद का चुनाव करेंगे जो उनके नए प्रधानमंत्री का चयन करेंगे। इस साल देशभर में आम चुनाव होने वाले हैं लेकिन इस चुनाव को लेकर इलेक्शन कमीशन कब आदर्श आचार संहिता लागू करेगी यह साफ़ नहीं हैं।
इस तरह देखा जाएँ तो सम्भावना जताई जा रही हैं कि इस बार भी मार्च के पहले पखवाड़े में ही चुनाव आयोग आम चुनाव के कार्यक्रमों की घोषणा कर सकती हैं। संभावना यह भी हैं कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी चुनाव विभिन्न चरणों में कराये जायेंगे। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय देश का मुख्य चुनाव आयोग ही लगा।
बात पिछले चुनाव की करें तो पिछले साल 11 मार्च को चुनावी कार्यक्रम जारी हुआ था। यानी इस दिन ही देशभर में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया था। 2019 में सात अलग-अलग चरणों में चुनाव संपन्न हुआ था। सभी मतदान 11 अप्रैल से 19 मई के बीच संपन्न हुए थे।
क्या है आदर्श आचार संहिता?
देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं। लोकसभा/विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया के पूरी हो जाने तक लागू रहती है।बता दें कि चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही आचार संहिता जिस जगह चुनाव होना है उधर लगाई जाती है जोकि वोटों की गिनती होने तक जारी रहती है।