ब्यूरो रिपोर्ट, अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट। बनारस से आए माइनिंग ऑफिसर ने खनन माफियाओं के अवैध कार्यों के खिलाफ शिकायत करने वाले ग्राम गोड़ा के निवासी छेदी खान को ना केवल फटकार लगाई, बल्कि अधिकारियों के समक्ष उनकी शिकायतों को भी नजरअंदाज कर दिया। माफियाओं द्वारा अवैध खनन और ब्लास्टिंग से परेशान छेदा खान पिछले कई दिनों से माइनिंग ऑफिसर के पास शिकायत लेकर गए, लेकिन उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा।
ग्राम गोड़ा के निवासी छेदा खान ने शिकायत में बताया कि खनन माफिया रज्जन शर्मा और मल्होत्रा ग्रुप द्वारा पहाड़ों में चार इंची ब्लास्टिंग कर गांव की आबादी को खतरे में डाल दिया गया है। अवैध तरीके से हो रहे इन कार्यों से न केवल बड़े-बड़े पत्थर घरों पर गिर रहे हैं, बल्कि गाँव की गोशाला की गाये भी चोटहिल हो रही हैं। छेदी खान के अनुसार, इन माफियाओं का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि बरसात के मौसम में असलहों के बल पर अवैध खनन और ब्लास्टिंग कर रहे हैं।
छेदा खान और अन्य ग्रामीणों ने दिनांक 5 अगस्त, 2024 को खनन माफियाओं के खिलाफ उच्चाधिकारियों को रजिस्ट्री द्वारा शिकायत भेजी थी, लेकिन आज तक उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। आरोप है कि खनन माफिया, जिला प्रशासन के सहयोग से खुलेआम अवैध खनन और ब्लास्टिंग कर रहे हैं। शिकायत के बावजूद माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही ना होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
शिकायतकर्ता छेदा खान का कहना है कि माफिया खुलेआम धमकी दे रहे हैं कि "भाजपा सरकार है, तुम लोगों की सुनवाई नहीं होगी। ज्यादा शिकायत करोगे तो पूरी बस्ती उजाड़ देंगे।" इस तरह की धमकियों के चलते मुस्लिम बस्ती के लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफियाओं ने माइनिंग ऑफिसर को मोटी रकम देकर अवैध कार्य करवाना जारी रखा हुआ है।
खनन माफियाओं का यह आतंक कब खत्म होगा, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। सवाल यह है कि प्रशासन की निष्क्रियता कब तक चलेगी और कब इन खनन माफियाओं पर लगाम लगेगी?