Covid Vaccine Side Effect : सोशल मीडिया पर आज सुबह से ही #Covishield और Covaxin ट्रेंड कर रहा है. लोग अपनी पुरानी पर्ची फिर से देख रहे हैं कि उन्होंने कौन सी वैक्सीन लगवाई थी? रात से ही एक खबर ने भारत के करोड़ों लोगों को टेंशन दे दी है. दरअसल, हाल के महीनों में अचानक मौत की कई घटनाएं सामने आईं.
वीडियो आए लेकिन उसे यह कहकर इग्नोर किया गया कि उसका कोरोना वैक्सीन से कोई ताल्लुक नहीं है लेकिन अब लंदन से जो रिपोर्ट आई है वह आपको परेशान कर सकती है. कोविशील्ड वैक्सीन वाली एस्ट्राजेनेका कंपनी ने खुद मान लिया है कि उसके कोविड टीके से खून का थक्का बन सकता है.
दरअसल जैमी स्कॉट ने एस्ट्राजेनेका के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. उन्होंने अप्रैल 2021 में कोरोना वैक्सीन की डोज ली थी, जिसके बाद वह स्थाई मस्तिष्क क्षति से जूझ रहे हैं. जैमी स्कॉट समेत कई अन्य मरीजों से TTS के साथ थ्रोम्बोसिस नाम की दुलर्भ संकेत दिखे थे. इन सभी कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए मुआवजे की मांग की थी.
इस साल फरवरी में यूके की एक अदालत में पेश एक कानूनी दस्तावेज़ में, कैम्ब्रिज स्थित कंपनी ने थ्रोम्बोसिस के साथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) का जिक्र करते हुए स्वीकार किया कि उसका टीका ‘बहुत ही दुर्लभ मामलों में, टीटीएस का कारण बन सकता है.’ इस स्थिति में कम प्लेटलेट काउंट घटने और खून के थक्के जमने जैसी समस्याएं आ सकती हैं.
बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान इस वायरस की रोकथाम के लिए दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर कोविड वैक्सीन बनाई थी. वहीं भारत में वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के साथ समझौता करके कोविशील्ड वैक्सीन बनाया था. इसके बाद देश में आधे से अधिक लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन ही लगाई गई थी.