रिपोर्ट, अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट। ग्राम ऐचवारा, थाना बहिलपुरवा की निवासी और पेशे से पत्रकार रमा मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। रमा मिश्रा का कहना है कि उनके गांव में डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. दिनेश मिश्रा और डॉ. अंबूज मिश्रा बिना अंग्रेजी लाइसेंस के अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे हैं। यह लोग मरीजों को अंग्रेजी दवाइयां बांट रहे हैं, जिससे उन्हें लाभ की जगह नुकसान हो रहा है।
रमा मिश्रा का आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली दबंग किस्म के लोग शामिल हैं, उनके परिवार को गांव से बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उनके ससुर केदार मिश्रा को भड़काकर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की। जब वह इसका विरोध कर रही थीं, तो उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाकर फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी गई। रमा मिश्रा ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 17 सितंबर को एसओ रामसिंह और सीओ कमाल सिंह ने पुलिस बल के साथ उनके घर में जबरन घुसकर उनकी नाबालिग बेटी के साथ अभद्रता की और उसका मोबाइल छीन लिया।
साथ ही घर में तोड़फोड़ कर कीमती गहने चोरी कर लिए गए। रमा का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी बेटी मानसिक रूप से बेहद भयभीत हो गई है। रमा मिश्रा ने पुलिस पर उनके पति राकेश मिश्रा को गिरफ्तार कर थाने में बुरी तरह पीटने का भी आरोप लगाया है। उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें पहुंचाई गईं और बाद में जेल भेज दिया गया। जेल जाकर रमा को इस घटना की जानकारी हुई। इस पूरे घटनाक्रम से रमा मिश्रा और उनका परिवार बेहद डरा हुआ है और गांव में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।रमा मिश्रा ने महिला आयोग, मुख्यमंत्री, आईजी, डीआईजी और स्थानीय अधिकारियों से न्याय की मांग की है। उन्होंने अपनी सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।