मुंबई / रायपुर। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है जिसमें एक महिला फोन पर एक सेना के जवान को अपमानजनक भाषा और अभद्र टिप्पणियाँ करती सुनाई देती है। क्लिप में महिला का नाम ‘अनुराधा वर्मा’ बताया जा रहा है और पोस्ट्स में दावा किया गया था कि वह HDFC बैंक की कर्मचारी है।
ऑडियो में कथित तौर पर महिला जवान से कहती है कि “गंवार हो इसलिए तुम्हें बॉर्डर पर भेजा गया, पढ़े-लिखे होते तो किसी अच्छी कंपनी में नौकरी करते” और आगे कहा गया कि “तुम्हारे जैसे लोगों के बच्चे विकलांग पैदा होते हैं और ऐसे-ऐसे लोग बॉर्डर पर शहीद हो जाते हैं।” मशवरे और ब्याज से जुड़ी खरी-खोटी के दौरान महिला का लहजा बार-बार आक्रामक और अपमानजनक बना रहता है।
ऑडियो क्लिप पत्रकार नवलकांत द्वारा एक्स (Twitter) पर शेयर किए जाने के बाद तेजी से वायरल हुई। कई यूज़र्स और संगठनों ने महिला के व्यवहार की निन्दा की और बैंक से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। मानवाधिकार और पुरुष-अधिकार कार्यकर्ता भी क्लिप को शेयर कर बैंक से सफाई व सख्त कदम की मांग कर रहे हैं।
इस मामले पर HDFC बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि “अनुराधा वर्मा नाम की कोई कर्मचारी बैंक में नहीं है। ऑडियो में सुनाई देने वाला आचरण बैंक के मूल्यों के अनुरूप नहीं है।” बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि क्लिप में दिख रहे व्यवहार को वे स्वीकार नहीं करते।
बैंक के इनकार के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि महिला किसी तृतीय-पक्ष लोन वसूली एजेंसी या आउटसोर्स्ड कलेक्शन पार्टनर की कर्मचारी हो सकती है—क्योंकि वित्तीय संस्थाएँ अक्सर वसूली कार्य के लिए बाहरी एजेंसियाँ नियुक्त करती हैं। फिलहाल महिला की सटीक पहचान और कॉल की पृष्ठभूमि सार्वजनिक रूप से प्रमाणित नहीं हुई है।
यह घटना ऋण वसूली कार्य में लगे कर्मियों के प्रशिक्षण और संवेदनशील मामलों में व्यवहार-मानकों पर बहस खड़ी कर गई है। सोशल मीडिया पर राय है कि किसी भी कस्टमर-कॉल में पेशेवर और सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य होना चाहिए—विशेषकर तब जब ग्राहक सेना से संबंध रखते हों या संवेदनशील वर्ग से हों।