नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए वोटर लिस्ट रिवीजन अभियान के विरोध में विपक्षी महागठबंधन ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया। बंद का सबसे ज़्यादा असर बिहार में देखा गया, जहां कई स्थानों पर ट्रेनें रोकी गईं, सड़कों पर चक्काजाम हुआ और जनजीवन बाधित रहा।
बंद के समर्थन में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जन अधिकार पार्टी, वाम दलों सहित महागठबंधन के सभी प्रमुख घटक दल सड़कों पर उतर आए। पटना, दरभंगा, आरा, भागलपुर और गया जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोका और हाईवे पर बैठकर यातायात को बाधित किया।
दिल्ली सहित अन्य राज्यों में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला, हालांकि बिहार में इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव रहा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग का विशेष रिवीजन अभियान "जनादेश की चोरी की कोशिश" है। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से विपक्ष समर्थक वोटरों को सुनियोजित तरीके से हटाया जा रहा है।
इस बीच, वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 जुलाई को सुनवाई करेगा। यह याचिका एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने दाखिल की है, जिसमें पूरे अभियान को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है।
प्रभाव:
बिहार में ट्रेन सेवाएं कई घंटों तक बाधित रहीं
स्कूल-कॉलेज और बाजार आंशिक रूप से बंद रहे
कई जिलों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई
प्रशासन का रुख:
राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने बंद को लेकर सतर्कता बरती और कहा कि वोटर लिस्ट सुधार एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।