इन दिनों ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ी मुसीबत बन सकती है। खासतौर पर जब बात आपके पहचान पत्र यानी आधार कार्ड की हो।
आधार का इस्तेमाल आज हर सरकारी और निजी सेवा में होता है। बैंक, सिम कार्ड, गैस कनेक्शन से लेकर सरकारी योजनाओं तक – हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर कोई इसका दुरुपयोग करता है, तो आपके नाम पर बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।
UIDAI की वेबसाइट पर जाएं:
ब्राउज़र में UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
होमपेज पर “My Aadhaar” सेक्शन में जाएं और “Aadhaar Authentication History” पर क्लिक करें।
आधार नंबर दर्ज करें:
अपना 12 अंकों का आधार नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा सिक्योरिटी कोड डालें।
“Send OTP” पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा।
OTP और डेट रेंज चुनें:
OTP दर्ज करें और ऑथेंटिकेशन प्रकार (जैसे Demographic, Biometric, OTP) चुनें।
वह तारीख रेंज चुनें, जिसके लिए आप हिस्ट्री देखना चाहते हैं (पिछले 6 महीनों की जानकारी उपलब्ध होती है)।
गलत इस्तेमाल होने पर क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपके आधार का अनधिकृत उपयोग हुआ है, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें:
टोल-फ्री नंबर: 1947 पर कॉल करें।
ईमेल: help@uidai.gov.in पर शिकायत भेजें।
ऑनलाइन शिकायत: UIDAI की वेबसाइट पर “File a Complaint” लिंक (uidai.gov.in/file-complaint) के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, तो उसके आधार को रद्द करने की कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उसके परिवार की जिम्मेदारी बनती है कि वे उसके दस्तावेज़ सुरक्षित रखें और सुनिश्चित करें कि आधार का दुरुपयोग न हो।
अगर मृतक किसी योजना का लाभ ले रहा था, तो उस विभाग को तुरंत इसकी सूचना दें ताकि उसका नाम हटाया जा सके।