केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ है, जिसमें सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है. ये हादसा वायनाड जिले के मेप्पडी, मुंडक्कई टाउन और चूरल माला में मंगलवार (30 जुलाई) तड़के हुआ. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भूस्खलन की चपेट में आकर 12 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसमें एक बच्चा भी शामिल है.
घायल हुए 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. भारी बारिश के दौरान रात करीब एक बजे मुंडक्कई टाउन में पहला भूस्खलन हुआ. मुंडक्कई में अभी बचाव अभियान चल रहा था, तभी सुबह करीब 4 बजे चूरल माला में एक स्कूल के पास दूसरा भूस्खलन हुआ. एक शिविर के रूप में चल रहे स्कूल और आस-पास के घरों और दुकानों में भूस्खलन के चलते पानी और कीचड़ भर गया. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.
केंद्र से हर संभव मदद करेगा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि वायनाड (Wayanad of Kerala) के कुछ हिस्सों में भूस्खलन से व्यथित हूं. मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं. प्रभावित सभी लोगों की सहायता के लिए बचाव अभियान अभी चल रहा है. केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनाराई विजयन से बात की और वहां की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया.
पीएम मोदी ने भूस्खलन में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही साथ घायल लोगों को 50,000 रुपए की सहायता दी जाएगी.
वहीं एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम वायनाड (Wayanad of Kerala) जा रही है। इलाके के सीएमओ के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष खोला है और आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9656938689 और 8086010833 जारी किए हैं। घटनास्थल पर वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।