वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लगभग ₹2,200 करोड़ की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही, उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख कर देशवासियों से जुड़ा भावनात्मक संवाद किया।
पीएम मोदी ने कहा:- "22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बेटियों का दुख, बच्चों की वेदना... मेरा हृदय पीड़ा से भर गया था। उस वक्त मैंने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की थी कि पीड़ित परिवारों को इस दुःख को सहने की शक्ति दें। उन्होंने आगे कहा: - "मैंने अपनी बेटियों के सिंदूर का जो वचन लिया था, वह मैंने निभाया। 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ही संभव हुई। मैं इसे उनके चरणों में समर्पित करता हूं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने काशीवासियों से भोजपुरी में भावनात्मक जुड़ाव जताते हुए कहा:-
"सावन के पावन महीने में आज हमके काशी के हमरे परिवार के लोगन से मिलय का अवसर मिलल हय। हम काशी के हर परिवार जन के प्रणाम करत हईं। उन्होंने जनसभा की शुरुआत 'हर-हर महादेव' और 'नम: पार्वती पतये' के जयघोष से की।
पीएम मोदी ने जनसभा मंच से देशभर के 9.7 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 20वीं किस्त के रूप में ₹20,500 करोड़ की राशि भी जारी की। साथ ही उन्होंने दालमंडी पुनर्विकास परियोजना की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी का स्वागत किया और कहा:
“ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री का काशी में आगमन ऐतिहासिक है। नया भारत अब दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देता है और आतंक को जड़ से मिटा देता है।”
पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अपने भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव के जरिए काशीवासियों और देश के नागरिकों के साथ गहरी आत्मीयता दिखाई। पहलगाम हमले पर लिया गया संकल्प, और 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए दिया गया जवाब — यह दर्शाता है कि भारत अब चुप नहीं बैठता, बल्कि निर्णायक कदम उठाता है।