August 02, 2025

अब OTP मंगाना पड़ेगा भारी: हर वेरिफिकेशन पर लगेगा ₹3 तक का चार्ज


नई दिल्ली। डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। अब हर बार OTP मंगाना या मोबाइल नंबर वेरीफाई करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने मोबाइल नंबर वेलिडेशन (MNV) को लेकर एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है, जिससे बैंक, फिनटेक कंपनियां और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसका सीधा असर होगा।

क्या है नया नियम?

सरकार के नए प्रस्ताव के तहत:

  • अब कोई भी संस्था खुद से मोबाइल नंबर वेरीफाई नहीं कर पाएगी।
  • हर OTP या वेरिफिकेशन के लिए सभी कंपनियों को DoT के बनाए MNV प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना होगा।
  • इस प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर कंपनियों को प्रति वेरिफिकेशन चार्ज देना होगा:
  • बैंकों को ₹1.50 प्रति वेरिफिकेशन
  • अन्य निजी कंपनियों को ₹3 प्रति वेरिफिकेशन

किन्हें होगा सबसे ज्यादा असर?

इस नियम का ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा, जो एक ही मोबाइल नंबर से कई सरकारी योजनाओं, बैंक खातों और सेवाओं को ऑपरेट करते हैं।

बार-बार OTP वेरिफिकेशन का खर्च बढ़ने से कंपनियां ग्राहकों से हर अकाउंट के लिए अलग मोबाइल नंबर की मांग कर सकती हैं, जिससे डिजिटल पहुंच और समावेशन (digital inclusion) पर असर पड़ेगा।

संदिग्ध नंबर हो सकते हैं बंद

यदि किसी मोबाइल नंबर की पहचान संदिग्ध या फर्जी पाई जाती है, तो 90 दिनों तक उस नंबर को बंद किया जा सकता है। इससे KYC प्रक्रिया और डिजिटल सेवाओं की निर्भरता और बढ़ जाएगी।

निष्कर्ष:

सरकार की इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाना है, लेकिन इससे कम आय वर्ग के लोग और डिजिटल डिवाइड से जूझ रहे समुदाय अधिक प्रभावित हो सकते हैं। अगर यह नियम लागू होता है तो सस्ती और सुलभ डिजिटल सेवाओं की पहुंच एक बड़ी चुनौती बन सकती है।



Related Post

Advertisement

Tranding News

Get In Touch