जम्मू-कश्मीर। अमरनाथ यात्रा के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन के बीच अब जम्मू प्रशासन ने यात्रा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को वापस उनके मूल कार्यस्थलों पर लौटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि अब यात्रा के शेष दिनों में इतने बड़े पैमाने पर बल की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक बनी हुई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया था, उन्हें अब आम प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाएगा, ताकि शेष सरकारी सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
वहीं, इस घटनाक्रम के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा –
“सौभाग्य से कुछ बुरा नहीं हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ सकारात्मक भी नहीं हुआ... देखते हैं आगे क्या होता है।”
उनका यह बयान जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति, चुनावों की संभावनाओं और सामान्य स्थिति बहाल होने को लेकर था। उमर अब्दुल्ला ने इशारों में यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया है जिससे प्रदेश के लोगों को आगे की स्पष्ट दिशा दिखाई दे।
विशेष रूप से यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखें अभी तक तय नहीं हुई हैं। स्थानीय दल लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जल्द बहाल किया जाए।