रिपोर्ट, अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट।भागवत कथा के आज छठवें दिन भगवान की रासलीला की सुंदर कथा सुनाई गई रासलीला के माध्यम से परमात्मा जीवात्मा को दर्शन देते हैं तथा भगवान प्रेम को सर्वोपरि रखते हैं। ब्रज में रहकर के भगवान ने प्रेम करना ही सिखाया और समाज को बताया कि आपस में सब प्रेम से रहिए भगवान कहते हैं कि मानव धर्म सबसे बड़ा यह है। गरीबों की सेवा करो अतिथियों का सत्कार करो और सब हिंदू भाई सनातन धर्म को मानते हुए आपस में प्रेम से प्यार से रहे । मैं जाति को बुराई नहीं मानता मैं केवल प्रेम मानता हूं ।
प्रेम ही भगवान है इसके बाद भक्ति है। जब भगवान ने ब्रज की लीला समाप्त की तथा मथुरा पहुंचे तो राक्षसों का संघार किया । कंस का संघार करके भगवान प्रेम संदेश बृजवासियों को भेजते हैं । और अंत में भागवत कथा में व्यासजी के माध्यम से भगवान कृष्ण और रुक्मणी के साथ विवाह की चर्चा सुनाई गई जिसमें रुक्मिणी भक्त है ,साक्षात लक्ष्मी का रूप है । उसके बाद सुंदर शास्त्र विधि के साथ भगवान का विवाह संपन्न हुआ है विवाह की चर्चा भगवान की सुंदर भागवत व्यास जी के माध्यम से की गई सब श्रोता बंधु कथाओं को सुनकर के मंत्र मुक्त हो गए ।
कथा आयोजक प्रकाश चंद केसरवानी संयोजक संजुला पांडे सेवादार सुरेश कुमार शालू केसरवानी राम आश्रय छोटेलाल गुप्ता मनीष जायसवाल राम नारायण पांडे निहारिका बीनू आज आदि लोग उपस्थित रहे तथा विकास गणेश मिश्रा महाराज और संगीत में अजय मिश्रा कृष्णा पांडे वैदिक कृष्णा पंडित और नंदकिशोर आदमी संगीत प्रस्तुति थी।