हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर अचानक मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल मंदिर मार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है।
मंदिर में सावन महीने के कारण भारी भीड़ उमड़ी थी। बारिश और सीढ़ियों पर फिसलन के चलते एकाएक अफरा-तफरी मच गई।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और कोतवाली प्रभारी रितेश शाह घटनास्थल पर मौजूद हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिजली के करंट की आशंका को भी जांच के दायरे में लिया गया है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता संकरा और ऊंचाई वाला है, जिस पर भारी भीड़ और बारिश के कारण हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
"हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मैं स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।"
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की पहचान की जा रही है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
यह घटना बताती है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सुरक्षा उपायों में कोई चूक जानलेवा हो सकती है। सावन जैसे पवित्र अवसरों पर जहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है, वहां प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।