नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने शुक्रवार को "ऑपरेशन सिंदूर" पर पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में भारत का कोई नुकसान नहीं हुआ और 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। उन्होंने यह बयान उन आलोचनाओं और अफवाहों के जवाब में दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि भारत को भी इस अभियान में नुकसान झेलना पड़ा।
"आप मुझे एक भी फोटो दिखा दीजिए जिसमें भारत का नुकसान नजर आए। हमने 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से खत्म किया है।"
एनएसए डोभाल ने कहा कि यह ऑपरेशन सुरक्षा एजेंसियों की सटीक योजना और सूचनात्मक बढ़त का परिणाम था। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि भारत ने यह अभियान पूरी तरह एकतरफा और सफाई से अंजाम दिया, जिसमें नागरिक या सुरक्षा बलों को कोई क्षति नहीं हुई।
हाल ही में भारतीय सुरक्षा बलों ने एक गुप्त सैन्य कार्रवाई में सीमा पार 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें नष्ट कर दिया था। इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन सिंदूर" नाम दिया गया था, जो आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निर्णायक रणनीति का प्रतीक माना जा रहा है।
ऑपरेशन के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे कि क्या इस सैन्य कार्रवाई में भारत को भी नुकसान पहुंचा। ऐसे में एनएसए डोभाल का यह बयान इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टता और मजबूती लाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भारत की नीति स्पष्ट है – "आतंक का जवाब आतंक को पनपने से पहले ही खत्म करना है।"
बिना सार्वजनिक शोर-शराबे के सर्जिकल एक्यूरेसी
आतंकियों के लॉंचपैड पर सीधा और स्पष्ट हमला
खुफिया सूचनाओं के आधार पर पहले से प्लान्ड एक्शन
जीरो कैजुअल्टी अप्रोच – सुरक्षा बलों को कोई नुकसान नहीं
अजित डोभाल का यह बयान यह दर्शाता है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि प्रभावी रोकथाम और आक्रामक जवाब देने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।