नई दिल्ली. पाकिस्तान के साथ जंग के बाद एस जयशंकर आज पहली बार पड़ोसी मुल्क के खिलाफ बोले. विदेश मंत्री ने भारत के स्टैंड को दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान से अब बात होगी तो वो पीओके पर ही होगी. इसमें किसी तीसरे देश के दखल की कोई जरूरत नहीं है. विदेश मंत्री ने आक्रामक अंदाज में कहा कि हमने पाकिस्तान में सिर्फ आतंकवादी ढांचे को नष्ट किया. हमारे लक्ष्य निर्धारित थे, जिन्हें हमने हासिल कर लिया है. विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला करने जा रहे हैं, न कि सेना पर. उनकी सेना के पास यह विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और बीच में दखल न दें. उन्होंने इस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया.
पाकिस्तान की तरफ से युद्ध के दौरान भारत को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया था। इसपर एस जयशंकर ने कहा कि भारत की जवाबी कार्रवाई में 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया. यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करना कौन चाहता था. पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध और व्यवहार पूरी तरह से द्विपक्षीय होंगे. सालों से इसपर सहमति है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.
विदेश मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद पर होगी. पाकिस्तान के पास आतंकवादियों की एक सूची है जिसे सौंपे जाने की आवश्यकता है और उन्हें आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा. उन्हें पता है कि क्या करना है. विदेश मंत्री ने कहा कि हम उनके साथ आतंकवाद के बारे में चर्चा करने के लिए तैयार हैं. ये वो बात है जो संभव हैं. हमें वास्तव में बहुत सारा अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला. हमारे पास UNSC का एक प्रस्ताव था कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से उन्हें जवाबदेह ठहराया गया.
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ जो तनाव के हालात बने उसमें हमें काफी अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिला। हमारे पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव था कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से उन्हें जवाबदेह ठहराया गया। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते से जुड़े सवाल पर कहा कि सिंधु जल संधि स्थगित है और यह तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार के आतंकवाद को नहीं रोकता।