नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को अपने भाई और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समर्थन में बयान देते हुए सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका यह तय नहीं कर सकती कि कौन सच्चा भारतीय है और कौन नहीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी की सेना संबंधी टिप्पणियों पर की गई आलोचना को "गलत व्याख्या" बताया।
“मेरा भाई भारतीय सेना का बहुत सम्मान करता है। वह कभी भी सेना के खिलाफ कुछ नहीं कहेगा। विपक्ष के नेता का काम होता है सरकार से सवाल पूछना और यही वह कर रहे हैं। इससे सरकार असहज हो जाती है और जवाब देने के बजाय राजनीतिक हथकंडे अपनाती है।”
“न्यायपालिका का हम पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन यह तय करना जजों का काम नहीं है कि कौन सच्चा भारतीय है। राहुल गांधी ने हमेशा सेना और देश के जवानों के प्रति सम्मान दिखाया है।”
प्रियंका गांधी ने संसद की कार्यवाही में हो रहे व्यवधानों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि
“क्या सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि वो संसद नहीं चला सकती? पूरा विपक्ष जब किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा चाहता है, तो सरकार उस पर चर्चा क्यों नहीं कराती?”
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने भी राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा:
“जब कोई सरकार हमारी सीमाओं की रक्षा करने में विफल हो जाती है, तो हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह उसे जवाबदेह ठहराए। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी अनुचित है।”
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ दिसंबर 2022 में दिए गए एक बयान को लेकर मानहानि के एक मामले की सुनवाई कर रही थी। यह बयान ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान दिया गया था, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था:
"चीनी सेना ने 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय भूमि पर कब्जा कर लिया है।"
"उन्होंने 20 भारतीय सैनिकों को मार डाला।"
"अरुणाचल प्रदेश में हमारे जवानों को पीटा गया।"
इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा:
“क्या आप वहां थे? आपको कैसे पता चला कि 2,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा हुआ है? ये बातें मीडिया या सोशल मीडिया में क्यों कहनी पड़ीं?”