प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले में 11वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। साथ ही कहा कि आज वो शुभ घड़ी है, जब हम देश के लिए मर मिटने वाले, देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले, आजीवन संघर्ष करने वाले, फांसी की तख्त पर चढ़कर भारत माता की जय का नारा लगाने वाले अनगिनत वीरों को हम नमन कर रहे हैं। आजादी के दीवानों ने हमें स्वतंत्रता की सांस लेने का सौभाग्य दिया है। ये देश उनका ऋणी है। ऐसे हर महापुरुष के प्रति हम अपना श्रद्धाभाव व्यक्त करते हैं। PM मोदी ने कहा कि यह राष्ट्र हर शहीद का ऋणी है, उनका आभारी है। हम हर वीर को नमन करते हैं। हम श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि देते हैं। आज हम उन महान व्यक्तित्वों को नमन करते हैं, जो राष्ट्र की रक्षा करने, राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ समर्पित हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में लगे हैं। हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं में आई तेजी ने हम सभी की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आज, मैं प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं और उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि राष्ट्र इन चुनौतीपूर्ण समय में उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि आज जो महानुभाव राष्ट्र रक्षा के लिए पूरी लगन से, पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश की रक्षा भी कर रहे हैं और देश को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास भी कर रहे हैं… वो हमारे किसान हैं, हमारे जवान हैं, हमारे नौजवानों के हौसले हैं, हमारी माताओं-बहनों का योगदान है, दलित-शोषित-वंचित-पीड़ित हैं। जरा आजादी से पहले के वो दिन याद करें। सैकड़ों साल की गुलामी और उसका हर कालखंड संघर्ष का रहा। युवा हो, किसान हो, महिला हो या आदिवासी हों… वो गुलामी के खिलाफ जंग लड़ते रहे। इतिहास गवाह है, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के पूर्व भी हमारे देश के कई आदिवासी क्षेत्र थे, जहां आजादी की जंग लड़ी जा रही थी। (PM Modi Hoisted Flag)
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को स्वतंत्रता मिलने से पहले, लगभग 40 करोड़ लोगों ने असाधारण भावना का परिचय दिया, असाधारण लचीलापन और स्वतंत्रता का सपना दिखाया। वे एक ही संकल्प के साथ आगे बढ़े – स्वतंत्रता। स्वतंत्रता के सामूहिक सपने के साथ, वे दृढ़ रहे। बिना रुके, उनकी आवाज़ एक स्वर में उठी – ‘वंदे मातरम’। हमें उनकी विरासत के उत्तराधिकारी होने का सम्मान है। वो एक समय था, जब लोग देश के लिए मर-मिटने के लिए प्रतिबद्ध थे और आजादी मिली थी। आज का समय, देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता का है। (PM Modi Hoisted Flag)
PM मोदी ने कहा कि अगर देश के लिए मरने की प्रतिबद्धता आजादी दिला सकती है, तो देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता ‘समृद्ध भारत’ भी बना सकती है। अगर 40 करोड़ लोग आजादी के सपने को सफलतापूर्वक हासिल कर सकते हैं, तो कल्पना कीजिए कि दृढ़ संकल्प के साथ एकजुट 140 करोड़ लोगों की क्षमता क्या होगी। हम सब मिलकर किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं, चाहे वह कितनी भी बड़ी और चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, और एक समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। आइए कदम दर कदम आगे बढ़ें और 2047 के सपने को साकार करें। विकसित भारत-2047 सिर्फ भाषण के शब्द नहीं हैं। इसके पीछे कठोर परिश्रम चल रहा है। (PM Modi Hoisted Flag)
PM ने कहा कि देश के कोटि-कोटि जनों के सुझाव लिए जा रहे हैं और मुझे प्रसन्नता है कि मेरे देश के करोड़ों नागरिकों ने ‘विकसित भारत-2047’ के लिए अनगिनत सुझाव दिए हैं। मेरे देश के सामान्य नागरिकों ने हमें अमूल्य सुझाव दिए हैं। मैं समझता हूं, जब देशवासियों की इतनी विशाल सोच हो, उनके इतने बड़े सपने हों, देशवासियों की बातों में जब संकल्प झलकते हों, तब हमारे भीतर एक नया दृढ़ संकल्प बन जाता है, हमारे मन में आत्मविश्वास नई ऊंचाई पर पहुंच जाता है। हमने बड़े रिफॉर्म्स जमीन पर उतारे हैं। गरीब हो, मध्यम वर्ग हो, वंचित हो, हमारे नौजवानों के संकल्प और सपने हों या हमारी बढ़ती हुई शहरी आबादी हो, इन सभी के जीवन में बदलाव लाने के लिए हमने रिफॉर्म का मार्ग चुना। इसलिए मैं आज कह सकता हूं कि रिफॉर्म का हमारा मार्ग आज ग्रोथ का ब्लूप्रिंट बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए अनेक रिफॉर्म किए। आज उसके कारण हमारे बैंक विश्व के अग्रणी बैंकों में अपना स्थान बना चुके हैं। जब बैंक मजबूत होते हैं, तो फॉर्मल इकोनॉमी की ताकत भी बढ़ती है। विश्व में सबसे तेज़ गति से करोड़ों लोगों को कोविड वैक्सीनेशन का काम हमारे देश में हुआ। कभी आतंकवादी हमारे देश में आकर हमें मारकर चले जाते थे, जब देश की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है, जब देश की सेना एयर स्ट्राइक करती है तो देश के नौजवानों का सीना गर्व से भर जाता है। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हम पूरा करके रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने सपना देखा है कि 2047 विकसित भारत के सपने में सामान्य मानवीय की जिंदगी में सरकार की दखल कम हो। जहां सरकार की जरूरत हो वहां अभाव न हो और सरकार का बिना कारण प्रभाव भी न हो। भविष्य के साथ सेमीकंडक्टर जुड़ा हुआ है। हमने सेमीकंडक्टर मिशन पर काम शुरू किया…अब सेमीकंडक्टर का उत्पादन भी भारत में होगा। हम एंड-टू-एंड समाधान विश्व को देने का सामर्थ्य रखते हैं। हिन्दुस्तान के लगभग करीब सभी क्षेत्रों में 5G पहुंच गया है। हम 5G पर रुकने वाले नहीं हैं। हम अभी से 6G पर मिशन मोड में काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।