अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक बार फिर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद गहराता जा रहा है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि जल्द ही भारत से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है।
अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा,
अब नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दीपावली आने वाले हैं। ये केवल हमारी संस्कृति के उत्सव नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता के भी उत्सव होने चाहिए। इसलिए हमें जीवन में यह मंत्र अपनाना होगा कि हम जो भी खरीदेंगे वह मेड इन इंडिया होगा, वह स्वदेशी होगा।
मोदी ने व्यापारियों से कहा कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर बड़ा बोर्ड लगाएँ जिस पर लिखा हो — “मेरे यहाँ स्वदेशी बिकता है। उन्होंने कहा,- “अन्य देशों से आयातित वस्तुओं की बजाय हमें स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए। ये छोटे लेकिन प्रभावशाली कदम राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि के लिए अहम हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने 11 साल के कार्यकाल के दौरान लगातार ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर बल दिया है। विपक्ष हालांकि यह सवाल उठाता रहा है कि सरकार के प्रयासों के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो सकी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पीएम मोदी का यह संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों के जवाब के रूप में देखा जा सकता है। अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है और इसे “जुर्माना” बताते हुए कुल 50% तक टैरिफ लगाने की तैयारी है।
भारत ने इस पर आपत्ति जताई है और अपनी आर्थिक संप्रभुता पर जोर दिया है। वहीं हाल के महीनों में रूस के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए हैं, जबकि चीन के साथ रिश्तों में नरमी देखी जा रही है।
पीएम मोदी ने अपने हालिया रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी कहा था कि राष्ट्र की सच्ची सेवा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और उनके प्रचार में निहित है।
मोदी का ताज़ा संदेश साफ़ करता है कि आने वाले त्योहारों के मौसम में सरकार ‘स्वदेशी गौरव आंदोलन’ को न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक संदर्भ में भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहती है।