रायपुर। बहुचर्चित बिरनपुर कांड की जांच पूरी करने के बाद CBI ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब इस मामले में गवाहों के बयान अदालत में दर्ज होंगे, जिसके बाद गवाही पूरी होने पर कोर्ट फैसला सुनाएगा।
चार्जशीट में CBI ने स्पष्ट किया है कि बिरनपुर कांड राजनीतिक हत्या नहीं थी और न ही इसमें किसी तरह की राजनीतिक साजिश सामने आई है। जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में अंजोर यदु की किसी भी तरह की भूमिका का उल्लेख नहीं किया है।
गौरतलब है कि विधायक ईश्वर साहू लगातार अंजोर यदु पर संलिप्तता के आरोप लगाते रहे थे। वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने CBI की रिपोर्ट के आधार पर भाजपा को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। भाजपा ने न केवल कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश रची, बल्कि जातीय और धार्मिक आधार पर समाज को बांटने का काम भी किया।
उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने तत्कालीन विधायक रवींद्र चौबे को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस की छवि धूमिल करने के लिए किया गया था, लेकिन सच्चाई अब सामने आ चुकी है।
बता दे कि 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर में दो गुटों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और इसे धार्मिक रंग देने के प्रयास हुए। गांव में हिंसा और आगजनी भी हुई। दो दिन बाद गांव के ही रहीम (55) और उसके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई थी। हालात बिगड़ने पर इलाके में धारा 144 और कर्फ्यू तक लगाना पड़ा।
बाद में विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस मामले की CBI जांच की घोषणा की थी। 27 अप्रैल 2024 को CBI की टीम पहली बार बिरनपुर पहुंची थी और नए सिरे से जांच शुरू की थी।