रायपुर। दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर आईपीएस बनीं पारूल माथुर (Parul Mathur) प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी फस्र्ट च्वाइस आईपीएस बनना नहीं था। वह आईएएस बनना चाहती थीं।
उन्होंने अपने कॅरियर में आईपीएस को सेेकंड च्वाइस पर रखा था। दूसरे प्रयास में यूपीएससी क्रैक करने के बाद उन्हें आईपीएस कैडर मिला तो उनके दोस्तों ने आईएएस के लिए फिर प्रयास करने की सलाह दी। पर उन्होंने आईपीएस ज्वाइन करने का फैसला लिया।
वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ के सबसे वीआईपी डिस्ट्रिक्ट बिलासपुर में एसएसपी के पद पर पदस्थ हैं। शायद वह पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हें बिलासपुर में एसएसपी के रुप में सेवा करने का अवसर मिला है।
छत्तीसगढ़ मूल की श्रीमती पारूल माथुर के पिता राजीव माथुर आईपीएस अधिकारी थे। वह राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में निदेशक पद पर रहे। उन्होंने दिल्ली में अपना आवास बना रखा था। तीन बेटियों में सबसे छोटी बेटी पारूल माथुर का जन्म दिल्ली में ही 6 जनवरी 1972 को हुआ था।
पारूल माथुर की मां रेखा माथुर गृहणी होने के साथ ही प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका के रुप में भी काम करती थीं। पारूल की तीन बहनों में से सबसे बड़ी बहन अमेरिका में सेटल हैं। दूसरी बहन मुंबई में चिकित्सक हैं। तीसरी बेटी पारूल माथुर आईपीएस अधिकारी हैं।
श्रीमती पारूल माथुर बताती हैं कि जब वह 9वीं-10वीं कक्षा में पढ़ती थीं तभी तय कर लिया था कि आईएएस बनना है। इसकी प्रेरणा उन्हें अपने आईपीएस पिता से मिली थी। अपने लक्ष्य का टारगेट कर उन्होंने पढऩे की रणनीति बनाई और पढ़ाई शुरू कर दिया। पारूल माथुर की प्रारंभिक शिक्षा छत्तीसगढ़ में ही हुई है।
उन्होंने प्रतिष्ठित लेड़ी श्रीराम कालेज से इतिहास विषय में स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। जेएनयू से उन्होंने एमफिल किया। वर्ष 2008 में यूपीएससी की परीक्षा दूसरे प्रयास में क्रैक कर वह आईपीएस बनीं। उन्हें छत्तीसगढ़ होम कैडर मिला।
आईपीएस की टे्रनिंग पूरी करने के बाद उन्हें प्रशिक्षु आईपीएस के रुप में बिलासपुर का सीएसपी बनाया गया। इसके बाद वह रेलवे रायपुर में एसपी, जांजगीर में बटालियन कमांडेंट, बेमेतरा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और गरियाबंद में एसपी के रुप में पदस्थ रहीं। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ के वीआईपी जिले बिलासपुर की एसएसपी के रुप में सेवा प्रदान कर रही हैं।
बिलासपुर की एसएसपी श्रीमती पारूल माथुर के पति मोहित माथुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सेटल्ड हैं। वह यहां बिजनेस करते हैं।
आईपीएस श्रीमती पारूल माथुर का कहना है कि यूपीएससी परीक्षा क्रैक करने के लिए प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करना जरुरी है। वह बताती हैं कि यूपीएससी की परीक्षा हमारे पेसेंस का टेस्ट लेती है। यह पूरे एक साल की प्रक्रिया है। अगर हमें यूपीएससी परीक्षा में सफल होना है तो स्मार्ट पढ़ाई करनी होगी।
स्मार्ट पढ़ाई से उनका आशय है कि परीक्षा में अच्छा अंक प्राप्त करने के लिए परीक्षार्थी को अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन कर उसकी तैयारी के लिए रणनीति बनाली है। जिस टॉपिक में इंट्रेस्ट न हो उसमें समय बेकार करने के बजाय उस टॉपिक पर ज्यादा अंक लाने में जोर लगाएं जिसमें इंट्रेस्ट हो।
आज दुनिया तेजी से बदल रही है। अपराध के तरीके बदल रहे हैं। साइबर क्राइम आने वाले समय के लिए चुनौती है। ऐसे में आईपीएस श्रीमती पारूल माथुर का कहना है कि समय के अनुसार पुलिसिंग व्यवस्था में बदलाव की जरुरत है। आज के समय में अब पुलिसिंग को पब्लिक सर्विस के रुप में बदलने की जरुरत है।
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