May 10, 2022

मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़कर लिया आईएएस बनने का संकल्प, लगन और परिश्रम से पूरा किया सपना

जाने सीएस की पढ़ाई कर रहीं सोनल गोयल के आईएएस बनने की कहानी


नई दिल्ली। सोशल सेलीब्रटी बनी आईएएस सोनल गोयल की कहानी बेहद दिलचस्प है। हरियाणा के पानीपत की बेटी सोनल गोयल ने यूपीपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का अपना सपना पूरा किया। आज सोनल गोयल देश के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी सेवा दे रही हैं। सोनल गोयल हरियाणा के पानीपत की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सोनल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ  कॉमर्स से स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में दिल्ली से ही कंपनी सचिव की डिग्री भी प्राप्त की।

सोनल गोयल बताती हैं कि उन्होंने आईएएस बनने का कभी सपना नहीं देखा था। उन्हें तो सिविल सर्विस एग्जाम के बारे में अधिक जानकारी भी नहीं थी लेकिन एक बार एक मैगजीन में उन्होंने प्रशासनिक सेवा पर दिए गए लेख को पढ़ा। इस लेख ने उन्हें आईएएस अफसर बनने के लिए प्रेरित किया और तब उन्होंने आईएएस बनने की ठान ली।

सोनल ने ऐसे की पढ़ाई

सीएस की पढ़ाई के दौरान ही सोनल ने अपने परिवार को आईएएस अधिकारी बनने के अपने फैसले के बारे में बता दिया था। लेकिन उस समय उनके पिता नहीं चाहते थे कि सोनल यूपीएससी की तैयारी करें। पिता को पता था कि यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में वह भले ही अपनी बेटी की काबिलियत पर यकीन करते थे लेकिन उन्हें लगता था कि सोनल को आईएएस की तैयारी के साथ ही बैकअप में दूसरा विकल्प तैयार करके रखना चाहिए।

सोनल गोयल ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरु कर दी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में एलएलबी में दाखिला भी लिया। इतना ही नहीं पढ़ाई के साथ वह सीएस के तौर पर नौकरी भी करती थीं। साल 2006 में पहली बार सोनल गोयल ने यूपीएससी परीक्षा दी लेकिन वह सफल न हो सकीं। उसके बाद सोनल ने कड़ी मेहनत के साथ अगले साल यानी साल 2007 में दूसरी बार परीक्षा दी और इस बार नेशनल लेवल पर उनकी रैंक 13वीं आई।

युवाओं को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कर रही मार्गदर्शन

नई दिल्ली स्थित त्रिपुरा भवन में रेजीडेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत सोनल गोयल हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा समेत देश भर के युवाओं को आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी करा रही हैं। ऐसा वह ड्यूटी टाइम से पहले और उसके बाद करती हैं।

देशभर के कई विश्वविद्यालयों ने सोनल गोयल को युवाओं में राष्ट्र निर्माण, युवा विकास और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक बनाने को आमंत्रित किया है। कोरोना की तीनों लहर के दौरान सोनल गोयल ने हालांकि इंटरनेट मीडिया के जरिए विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित टाक शो में हिस्सेदारी कर युवाओं जागरूक किया है, लेकिन अब उन्हें विश्वविद्यालयों में गेस्ट लेक्चर के लिए बुलाया जा रहा है।

त्रिपुरा काडर के 2008 बैच की हैं आइएएस

  • सोनल गोयल त्रिपुरा काडर के 2008 बैच की आइएएस अधिकारी हैं। 
  • झज्जर की उपायुक्त समेत कई अहम पदों पर रहते हुए उन्होंने सरकार की कल्याणकारी नीतियों को प्रोत्साहित किया है। 
  • लिंग अनुपात सुधारने और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम के तहत सोनल गोयल ने हरियाणा में शानदार काम किया है, जिसके चलते उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों से पुरस्कृत भी किया गया है।

पति आदित्य है आईआरएस अधिकारी

आईएएस सोनल गोयल के पति आदित्य आइआरएस अधिकारी हैं। ट्वीटर, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और कू समेत सात तरह के इंटरनेट मीडिया पर उनके साढ़े 16 लाख फालोअर्स हैं। सुबह के समय सोनल गोयल फिटनेस मंत्रा के तहत हर उम्र के लोगों को अच्छी सेहत के टिप्स बताती हैं और उन्हें प्रेरित करती हैं। इंटरनेट मीडिया पर वह लगातार युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद कर रही हैं। इसके लिए वह युवाओं अथवा किसी भी विश्वविद्यालय से कोई पैसा चार्ज नहीं करती हैं। युवाओं का मार्गदर्शन करना उनका जुनून बन गया है। 

मध्यम परिवार से है ताल्लुक 

सोनल गोयल का कहना है कि वह बहुत ही मध्यम परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हर प्रतियोगी की पाकेट उसे इन परीक्षाओं की अच्छी तैयारी के लिए इजाजत नहीं देती, लेकिन उन्हें तब बहुत सुकून मिलता है, जब वह लोक सेवा आयोग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स देती हैं। दिल्ली, त्रिपुरा और हरियाणा के प्रतियोगी युवाओं से उन्हें खासा लगाव है। खासकर लड़कियों को आगे बढऩे के लिए खूब प्रोत्साहित कर रही हैं। सोनल गोयल का कहना है कि दिल्ली में त्रिपुरा सरकार के कामकाज के लिहाज से हालांकि उनकी प्रशासनिक व्यस्तताएं बहुत हैं, लेकिन इंटरनेट मीडिया पर बच्चों का मार्गदर्शन कर वह काफी सुकून महसूस करती हैं। इससे उन्हें ऊर्जा मिलती है।

 

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