April 07, 2025

870 करोड़ से बस्तर में हाईटेक होगी फोर्स, शाह ने इन प्रस्तावों को दी मंजूरी


रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर में सुरक्षा बलों को हाईटेक बनाने के लिए 870 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और आधुनिक तकनीक के जरिए नक्सलियों के खिलाफ अभियानों को प्रभावी बनाना है।

इसके तहत बस्तर में सुरक्षा बलों के लिए उन्नत हथियार, संचार उपकरण, ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। यह कदम छत्तीसगढ़ के इस संवेदनशील क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। शाह ने यह भी जोर दिया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए तकनीकी उन्नति के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सहयोग और जागरूकता भी जरूरी है।

इस मंजूरी से बस्तर में सुरक्षा बलों की क्षमता में इजाफा होगा, जिससे क्षेत्र में स्थिरता और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

जानकारी के मुताबिक 520 करोड़ फोर्स की इंफ्रास्ट्क्चर को मजबूत करने के लिए और 350 करोड़ फोर्स के अत्याधुनिक हथियार, बुलेफ प्रूफ जैकेट और ड्रोन आदि पर खर्च होंगे। बस्तर में तैनात सीआरपीएफ जवानों के साथ डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवानों को ऐसे एडवांस वैपन्स दिए जाएंगे जिनके जरिए वे नक्सलियों का और मजबूती से सामना कर पाएंगे। जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर ऑपरेशन पर जाएंगे। बताया जा रहा है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन तय की गई है।

इस दौरान 12 महीने तक नक्सलियों का सबसे सशक्त फोर्स से सामना होगा। बारिश से पहले फोर्स को एडवांस बनाने की कवायद चलेगी। फोर्स को जंगलों में ऐसे वैपन्स के साथ उतारा जाएगा जिनका इस्तेमाल आर्मी के जवान करते हैं। बस्तर के जंगलों में जवान टैंक पर सवार होकर भी ऑपरेशन में जाएंगे।

बस्तर के नक्सल मोर्चे पर अब डब्ल्यूएचपी टैंक दिखाई देंगे। इसे डीआरडीओ और टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड ने तैयार किया है। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा इस बारे में पहले ही जानकारी दे चुके हैं। अब इसकी खरीदी को मंजूरी दी गई है। नक्सल विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 14 करोड़ की लागत से एक विशेष डब्लूएचएपी टैंक खरीदा जाएगा। इस टैंक की खासियत है कि यह पूरी तरह से बुलेट प्रूफ है। 8 चक्कों का यह टैंक दुर्गम रास्तों और पहाड़ी रास्तों पर चल सकता है।



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