Iran VS US : ईरान ने हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर सहमत न होने की स्थिति में बमबारी और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी थी। जवाब में, ईरान ने अपनी मिसाइलों को सक्रिय करने की दिशा में कदम उठाए हैं, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान के सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वे किसी भी बाहरी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। हाल ही में ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सुविधाओं को प्रदर्शित किया, जो हवाई हमलों का सामना करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। यह कदम ट्रंप की धमकियों के बाद उसकी ताकत का प्रदर्शन माना जा रहा है। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के दबाव में बातचीत नहीं करेगा और अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
ट्रंप अगर ईरान पर बम गिराने की बात कर रहे हैं तो यह कोई खोखली धमकी नहीं है. इसके लिए उन्होंने तैयारी भी कर ली है. दरअसल अमेरिका हिंद महासागर में मौजूद डिएगो गार्सिया में बी-2 बमवर्षकों को इकट्ठा कर रहा है. यह सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्टील्थ विमान हैं, जो वायु रक्षा प्रणालियों से बच सकते हैं. मालदीव से यह लगभग 700 किमी दक्षिण में है. इस द्वीप का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हो सकता है. पिछले सप्ताह ऐसी रिपोर्ट आई थी कि अमेरिका ने बेस पर कम से कम पांच बी-2 बमवर्षक तैनात किए हैं.
यह स्थिति वैश्विक चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ता टकराव एक बड़े संघर्ष की आशंका को जन्म दे रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की यह प्रतिक्रिया कितनी दूर तक जाएगी और इसका जवाब अमेरिका किस रूप में देगा।