रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए सरकार ने अभी तक संघ लोक सेवा आयोग को नया पैनल नहीं भेजा है। इस कारण माना जा रहा है कि वर्तमान डीजीपी अशोक जुनेजा को फिर से सेवावृद्धि मिल जाएगी। अशोक जुनेजा को पिछले साल अगस्त में छह महीने की सेवावृद्धि मिली थी,उनका सेवावृद्धि वाला कार्यकाल चार फ़रवरी को समाप्त होने जा रहा है। अशोक जुनेजा को पिछली भूपेश बघेल की सरकार ने डीएम अवस्थी को हटाकर डीजीपी बनाया था। अशोक जुनेजा जून 2023 में 60 की आयु पूर्ण कर ली। कायदे से तब उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए था, पर संघ लोक सेवा आयोग की अनुशंसा के बाद दो साल डीजीपी रहने के फार्मूले के आधार पर वे अगस्त 2024 तक चले।
2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के नेताओं ने डीजीपी अशोक जुनेजा की खुलकर आलोचना की थी और चुनाव आयोग में लिखित शिकायत की थी, इस कारण लग रहा था कि वे अगस्त 2024 के बाद डीजीपी नहीं रहेंगे। अरुणदेव गौतम, पवनदेव और हिमांशु गुप्ता डीजीपी की दौड़ में थे।
रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही अशोक जुनेजा को भारत सरकार ने छह महीने की सेवावृद्धि दे दी। तर्क दिया गया कि राज्य में डीजीपी अशोक जुनेजा के नेतृत्व में नक्सल आपरेशन बेहतर चल रहा है , उनके न रहने से नक्सलियों के खिलाफ अभियान पर असर पड़ेगा। नक्सल आपरेशन के आधार पर फिर उन्हें सेवावृद्धि की बात चल रही है। वैसे राज्य सरकार ने अक्टूबर 2024 से नए डीजीपी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन अलग-अलग कारणों से भारत सरकार से नए डीजीपी का पैनल राज्य सरकार को लौटा दिया जा रहा है।