Operation Sindoor : भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का भले ही 6-7 मई की रात बदला ले लिया हो, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर को अभी खत्म करने का ऐलान नहीं किया है। इससे पाकिस्तान में दहशत कायम है। पाकिस्तान एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा है। आज गुरुवार को भी पाकिस्ता ने एलओसी पर गोले और मोर्टार दागे। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकांश लोग सीमावर्ती इलाकों को गुरुवार को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं।
इससे पहले 6-7 मई की रात भारत ने मिसाइल हमले में पाकिस्तान में हाफिज सईद, मसूद अजहर के आतंकी ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया है। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी ठिकानों पर भीषण बमबारी से पाकिस्तान में हाहाकार मचा है। पाकिस्तान भारत से इस हमले का बदला लेने की धमकी दे रहा है। इधर भारतीय सेना भी पाकिस्तान को जवाब देने के लिए तैयार है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंप ने पाकिस्तान पर भारत के हमले पर दिया बड़ा बयान, कहा-भारत ने जैसे के साथ तैसा किया।
भारत ने जवाबी कार्रवाई पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की और इसका नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा। ये नाम उन महिलाओं को समर्पित है, जिनके पतियों की पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हत्या कर दी थी।
PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए तीनों सेनाओं की तारीफ की। ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि ये नया भारत है। पूरा देश हमारी ओर देख रहा था। ये तो होना ही था।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में LoC पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में 15 लोगों की मौत हो गई।
वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की संसद में कहा कि भारत ने कायराना हमला किया, हम इसका बदला लेंगे।
भारत की थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया। पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागीं। 1971 युद्ध के बाद यह पहली बार है, जब तीनों सेनाओं ने एक साथ पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए तीनों सेनाओं की तारीफ करते हुए कहा- पूरा देश हमारी ओर देख रहा था। ये तो होना ही था।
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के करीब 9 घंटे बाद सरकार, सेना और एयरफोर्स के अफसरों ने घटना की जानकारी दी।
देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन के बारे में बताया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद थे।