रायपुर : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर मुलाकात करने के लिए समय मांगा है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था के मसले पर मुलाकात करने की बात कही है।
.दीपक बैज ने लिखा कि प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल आपसे मुलाकात करना चाहता है। भिलाई के एक स्कूल में 4 साल की छात्रा से हुए दुराचार की घटना पर लापरवाही बरती गई है।
मामले में दुर्ग पुलिस की लापरवाही सहित प्रदेश में महिलाओं के साथ घट रही घटनाएं, बढ़ते गैंगरेप के मामले, कानून व्यवस्था को लेकर जरूरी चर्चा आपसे करनी है। ऐसा एक पत्र कांग्रेसियों ने राज्यपाल को भी भेजा है।
बता दें कि एक दिन पहले (शुक्रवार) को राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दें पर दुर्ग एसपी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि भिलाई के डीपीएस स्कूल में 5 जुलाई 2024 को एक अबोध बच्ची के साथ छेड़छाड़ की गंभीर घटना हुई। 5 जुलाई को बच्ची जब घर आई तो उसकी परेशानी को देखते हुए उसी दिन भिलाई के ही वरिष्ठ बाल चिकित्सक के यहां बच्ची को ले जाया गया जहां पर उन्होंने साफ लिखा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है। उन्होंने कुछ दवाईयां भी लिखी। 20 जुलाई को जब बच्ची की तबियत खराब हुई तब उसे फिर से दूसरे डॉक्टर के पास ले जाया गया, डॉक्टर ने बच्ची के साथ गंभीर छेड़छाड़ की आशंका जताई। इस मामले में बच्ची के पालक लगातार स्कूल को शिकायत करते रहे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुआ।
इस मामले की जानकारी जब स्कूल के अन्य पालकों को हुई तब उन्होंने स्कूल के सामने मामले में कार्यवाही के लिये 2 अगस्त को प्रदर्शन किया। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया। 3 अगस्त को दुर्ग के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में बयान दिया कि बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। अखबारों में छपी खबर गलत और भ्रामक है। जब एक न्यूज पोर्टल ने इस मामले की पूरी खबर लगातार छापा हो पुलिस अधीक्षक ने पालकों के वाट्सअप ग्रुप में न्यूज पोर्टल की खबर पर सवाल खड़ा करते हुये धमकाया कि न्यूज पोर्टल पर भी कार्यवाही हो सकती है। दुर्ग के पुलिस अधीक्षक के बच्चे भी उसी स्कूल में पढ़ते है। वे डीपीएस के पालकों का जो वाट्सअप ग्रुप है उसमें है, उस वाट्सअप ग्रुप में भी जब पालकों ने मामले पर आक्रोश जाहिर किया तो स्वयं पुलिस अधीक्षक इस प्रकार की घटना होने से इंकार कर रहे है।