लखनऊ। पैरा नेशनल टेबल टेनिस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के कानपुर को पहला स्वर्ण पदक मिला है। यह पदक कौशलपुरी की रहने वाली प्राची पांडेय ने दिलाया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में 29 अप्रैल 2022 को हुई प्रतियोगिता में प्राची ने कर्नाटक की खिलाड़ी को हराकर यह खिताब अपने नाम किया है। खास बात यह है कि जिस इंदौर शहर में प्राची ने नेशनल प्रतियोगिता का पहला मैच खेला था, उसी शहर में सोना जीतकर इतिहास रचा है। उनकी इस उपलब्धि पर शहर के पैरा खिलाडय़िों ने बधाई दी है। कमला नगर स्थित एकेडमी में बुधवार को पत्रकार वार्ता कर एकेडमी के सचिव आशीष चौहान ने जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कौशलपुरी निवासी हेड कांस्टेबल शिव शंकर पांडेय वाराणसी में तैनात हैं। उनकी बेटी प्राची पुणे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। इन दिनों वर्कफ्रॉम होम कर रही है। साथ ही सर पद्मपत सिंहानिया स्पोट्र्स एकेडमी में प्रशिक्षक रवि पोपटानी की देखरेख में टेबल टेनिस का प्रशिक्षण भी ले रही हैं। प्राची को बचपन से ही इस खेल में रुचि थी। मगर पैर की नसों में दिक्कत होने के कारण इस खेल में पूरी तरह से उतर नहीं पाई।
2007, 2011 व 2018 में तीन बार ऑपरेशन होने के बाद जब पैर थोड़ा काम करने लगा तो उन्होंने फिर से अभ्यास शुरू कर दिया। 2021 में पहली बार इंदौर में नेशनल पैरा चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला था। हालांकि तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अपनी लगन और मेहनत के दम पर प्राची ने इस बार स्वर्ण पदक जीता है।
एकेडमी के सचिव अभिषेक चौहान और भावना गुप्ता ने बताया कि एकेडमी होनहार पैरा खिलाडिय़ों को निशुल्क प्रशिक्षण देती है। एकेडमी का लक्ष्य है कि ऐसे खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाएं जो हुनरमंद हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। राष्ट्रीय स्तर के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाना एकेडमी का लक्ष्य है।
इसे भी पढ़ें : भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज अरुण लाल ने उम्र में 28 साल छोटी साहा के संग लिए सात फेरे